Agniveer Rally: 880 Bulandshahr Youths Clear Running Test
सहारनपुर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में एक बार फिर यूपी के युवाओं ने अपना दम-खम दिखाया है। बुधवार को बुलंदशहर जिले की स्याना और डिबाई तहसील के अभ्यर्थियों ने दौड़ में हिस्सा लिया, जिसमें कुल 880 उम्मीदवार सफलतापूर्वक दौड़ पूरी करने में कामयाब रहे।
ये भर्ती रैली भारतीय सेना की अग्निपथ स्कीम के तहत आयोजित हो रही है, जो कई दिनों से लगातार चल रही है और अलग-अलग जिलों के युवाओं को बुलाया जा रहा है। हर दिन अलग-अलग तहसीलों के अभ्यर्थियों की बारी आती है, और उन्हें पहले रनिंग टेस्ट से गुज़रना होता है, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होती है।
रनिंग टेस्ट पास करने वालों के लिए अभी सफर यहीं खत्म नहीं होता। जो अभ्यर्थी दौड़ में सफल हुए हैं, उन्हें अब शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट) और मेडिकल जांच जैसे अगले चरणों से गुज़रना होगा। यानी दौड़ पास करना सिर्फ पहला कदम है, असली चुनौती अभी बाकी है।
भर्ती रैली का शेड्यूल भी काफी व्यवस्थित तरीके से तय किया गया है। गुरुवार को बुलंदशहर की अनूपशहर तहसील के अभ्यर्थियों की बारी थी, साथ ही गाज़ियाबाद जिले की सदर, मोदीनगर, और लोनी तहसील के उम्मीदवार भी दौड़ में शामिल हुए। आगे 28 अगस्त को मुज़फ्फरनगर की सदर, बुढ़ाना, और खतौली तहसीलों के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है, और आखिर में सहारनपुर जिले के उम्मीदवारों की बारी आएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी रैली में कई जिलों के युवा अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं — बिजनौर जिले के 1,115 में से 880 अभ्यर्थी सफल रहे थे, जबकि बुलंदशहर सदर और खुर्जा तहसील के 1,065 में से 815 उम्मीदवारों ने दौड़ सफलतापूर्वक पूरी की थी। कुल मिलाकर स्टेडियम में 13 जिलों के करीब 25,920 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा होनी है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सेना के जवानों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी स्टेडियम में मोर्चा संभाले हुए है, ताकि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
कुल मिलाकर, ये भर्ती रैली सिर्फ एक शारीरिक परीक्षा नहीं, बल्कि हज़ारों युवाओं के लिए देश सेवा के सपने की तरफ पहला बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में बाकी बचे जिलों के अभ्यर्थियों की भी बारी आएगी, और देखना दिलचस्प होगा कि आखिर में कुल कितने युवा अगले चरण तक पहुंच पाते हैं।