नोएडा में एक Techie की मौत के बाद योगी बाबा का पारा सातवें आसमान पर, CEO की कुर्सी छिन गयी और बैठा दी SIT जांच, खबर पढ़ के आप भी कहेंगे कि असली इंसाफ तो अब होगा!

 नोएडा में एक Techie की मौत के बाद योगी बाबा का पारा सातवें आसमान पर, CEO की कुर्सी छिन गयी और बैठा दी SIT जांच, खबर पढ़ के आप भी कहेंगे कि असली इंसाफ तो अब होगा!


नोएडा के ‘System’ की लापरवाही ने ली एक नौजवान की जान, लेकिन इस बार CM के एक्शन ने अफसरों की नींद उड़ा दी है, जानिये क्या है पूरा मामला?

देखिये भैया, दिल दहला देने वाली खबर आयी है नोएडा से। वहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Techie) की दर्दनाक मौत हो गयी, और वजह वही पुराना और सड़ा हुआ “Civic System”। लेकिन इस बार मामला दबा नहीं, बल्कि सीधे लखनऊ तक पहुँच गया। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब ये खबर सुनी, तो उनका “Mood” एकदम ख़राब हो गया। उन्होंने आव देखा न ताव, सीधे नोएडा अथॉरिटी के CEO को उनके पद से हटा दिया। का कही बाबू, अइसन एक्शन देख के त बाकियों के भी पसीने छूट गइल होइहे!

नोएडा के 'System' की लापरवाही ने ली एक नौजवान की जान, लेकिन इस बार CM के एक्शन ने अफसरों की नींद उड़ा दी है, जानिये क्या है पूरा मामला?


क्या है असली माजरा, क्यों गिरी गाज इतने बड़े अफसर पर?

बात दरअसल ये है कि जनता टैक्स भर-भर के परेशान है, और बदले में मिलता क्या है? टूटी सड़कें, अंधेरा और मौत के कुएँ। यह घटना 27 साल के युवराज मेहता के साथ हुई जो सेक्टर 150 में रहते थे। बताया जा रहा है कि देर रात घने कोहरे (Fog) की वजह से उनकी गाड़ी एक ऐसे गड्ढे में जा गिरी जिसमें पानी भरा हुआ था। सबसे दिल दहला देने वाली बात ये है कि वो करीब 2 घंटे तक अपनी गाड़ी की छत पर खड़े होकर मदद के लिए चिल्लाते रहे। उन्होंने अपने पिता को भी कॉल किया, लोकेशन भेजी, लेकिन “Administration” की सुस्ती देखिये कि वक्त रहते उन्हें बचाया नहीं जा सका। स्थानीय लोग और चश्मदीद बता रहे हैं कि अगर वहां बैरिकेडिंग सही होती या पुलिस ने थोड़ी “Active” होकर मदद की होती, तो शायद आज वो जिंदा होते।

लोकल इंडियन इंग्लिश में बोलें तो, इस “Negligence” (लापरवाही) की खबर जैसे ही वायरल हुई, सरकार हरकत में आ गयी। सीएम योगी ने “Immediate Effect” से नोएडा अथॉरिटी के CEO, लोकेश एम (Lokesh M) को उनके पद से हटाकर “Waiting List” में डाल दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने एक 3 सदस्यीय SIT (Special Investigation Team) का गठन भी कर दिया है, जिसमें मेरठ के ADG और PWD के चीफ इंजीनियर शामिल हैं। सीएम ने साफ़ कर दिया है कि 5 दिन के अंदर रिपोर्ट चाहिए। अरे भाई, अब त सबकर क्लास लागी! यह SIT अब देखेगी कि वहां गड्ढा क्यों था, बाउंड्री क्यों टूटी थी और पुलिस मदद के लिए अंदर क्यों नहीं गयी। जूनियर इंजीनियर को तो पहले ही बर्खास्त कर दिया गया है, लेकिन अब बड़े अधिकारियों की बारी है।


noida hadsa


निष्कर्ष

तो भैया, बात एकदम साफ़ है। एक जान की कीमत तो कोई नहीं चुका सकता, लेकिन कम से कम सरकार ने इस बार “Action” लेने में देरी नहीं की। नोएडा अथॉरिटी के CEO का हटाना और SIT जांच बैठना यह बताता है कि अब कामचोरी नहीं चलेगी। युवराज के परिवार को जो दुःख मिला है, वो तो कम नहीं होगा, लेकिन उम्मीद है कि इस जांच के बाद “Guilty” लोगों को सजा मिलेगी और नोएडा की सड़कों पर फिर किसी माँ का लाल नहीं मरेगा।


मेरे विचार

भैया, यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि “सिस्टम की हत्या” है, और अब वक्त आ गया है कि अफ़सर अपनी जिम्मेदारी समझें नहीं तो जनता और सरकार दोनों माफ़ नहीं करेंगे।

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