दुबई से पिज़्ज़ा, कतर से चाय — जंतर मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों के लिए विदेश से भी आ रहे ऑर्डर, वजह दिल छू लेगी
दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले कुछ दिनों से जो नज़ारा दिख रहा है, वो किसी को भी हैरान कर सकता है। यहां चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर, जून 2026 से नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ये आंदोलन चल रहा है, और अब इसे सिर्फ नारों और झंडों से नहीं, बल्कि खाने-पीने के ज़रिए भी सपोर्ट मिल रहा है।
मामला ये है कि देश-विदेश में बैठे लोग, जो खुद प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पा रहे, वो Swiggy और Zomato जैसे ऐप्स से सीधा खाना बुक करके जंतर मंतर भिजवा रहे हैं। डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि भारत और विदेश दोनों जगहों से anonymous लोग प्रदर्शनकारियों के लिए खाना-पीना भेज रहे हैं, और कई बार तो ऑर्डर में सिर्फ इतना लिखा होता है कि जो भी वहां मिले, उसे बांट दो।
सबसे चौंकाने वाली बात ये कि ये सपोर्ट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। दिल्ली के जंतर मंतर पर सैकड़ों की तादाद में फूड डिलीवरी ऑर्डर पहुंच रहे हैं, और देशभर से anonymous लोग, जो खुद प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पा रहे, इसी तरह अपना सपोर्ट जता रहे हैं। इतना ही नहीं, एक और रिपोर्ट के मुताबिक कतर और बांग्लादेश से भी कॉल और पेमेंट आने की बात फूड डिलीवरी एजेंट्स ने बताई है।
एक डिलीवरी पार्टनर ने तो अपना अनुभव भी शेयर किया — “एक ऑर्डर आता है, फिर वो बंदा बोलता है, ‘भाई, वहीं बांट देना, जिसको ज़रूरत हो उसे दे देना।’ कल मेरे पास समोसे का ऑर्डर था। मुझे बोला गया बस यहां लाकर बांट दो।”
खाने की variety भी कमाल की है — चाय-समोसे से लेकर वड़ा पाव, वेज थाली, बिरयानी और पिज़्ज़ा तक, हर तरह का खाना पहुंच रहा है। मामला इतना बढ़ गया कि खुद CJP को आगे आकर लोगों से गुज़ारिश करनी पड़ी। संगठन ने X पर पोस्ट करके कहा — “इंडिया इतना खूबसूरत देश है, यहां के लोग इतने अच्छे हैं – प्रदर्शनकारियों के लिए खाना भेजने का शुक्रिया। हम बहुत ज़्यादा भावुक हो गए हैं। लेकिन आज के लिए, हमें ज़रूरत से ज़्यादा खाना मिल चुका है – कृपया अब और मत भेजिए!”
एक वायरल वीडियो में तो बारिश के बीच रेनकोट पहने एक डिलीवरी बॉय प्रदर्शनकारियों तक खाना पहुंचाते हुए दिखा, जिसने बताया कि ये ऑर्डर मुंबई के किसी शख्स ने प्लेस किया था।
सोशल मीडिया पर लोग इसे इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं। जैसा एक यूज़र ने लिखा — democracy भले मुश्किल में हो, लेकिन इंसानियत अभी ज़िंदा है। कुल मिलाकर, जंतर मंतर पर चल रहा ये प्रदर्शन अब सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि एक ऐसी मिसाल बन गया है जहां दुनिया भर से लोग अपने-अपने तरीके से साथ खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं।