आज पूरा देश मना रहा है अपना 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day), कर्तव्य पथ पर भारत की ‘Military Might’ और ‘Cultural Beauty’ देख के सीना गर्व से चौड़ा हो गया, यूरोपियन यूनियन के चीफ भी रह गए दंग, जानिये इस बार की परेड में क्या था वो ‘Surprise’ जो पहले कभी नहीं दिखा!
देखिये, आज 26 जनवरी 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में लिखा जायेगा। आज दिल्ली के Kartavya Path (पुराना राजपथ) का नज़ारा ही कुछ और था। जहाँ एक तरफ हमारे जवानों के बूटों की आवाज़ थी, वहीँ दूसरी तरफ “वंदे मातरम” के 150 साल पूरे होने का जश्न था। का कही बाबू, आज त दिल गार्डन-गार्डन हो गइल! इस बार का रिपब्लिक डे इसलिए भी खास था क्योंकि पहली बार हमारे बीच एक नहीं, बल्कि दो-दो मुख्य अतिथि (Chief Guests) मौजूद थे।
1. दो-दो चीफ गेस्ट और यूरोप से यारी
इस बार भारत ने कूटनीति (Diplomacy) का मास्टरस्ट्रोक खेला है। मुख्य अतिथि के रूप में European Commission की प्रेसिडेंट Ursula von der Leyen और European Council के प्रेसिडेंट António Costa दोनों एक साथ मौजूद थे। ऐसा पहली बार हुआ है जब EU के दो टॉप लीडर्स एक साथ हमारे मेहमान बने।
लोकल इंडियन इंग्लिश में बोलें तो, यह दुनिया को एक कड़ा सन्देश है कि भारत और यूरोप अब “Best Friends” बनने की राह पर हैं। परेड में European Union का एक दस्ता (Contingent) भी शामिल हुआ, जिसे देखकर सबने तालियाँ बजाईं।
2. ‘वंदे मातरम’ के 150 साल और रोबोटिक डॉग्स
इस बार की थीम “150 Years of Vande Mataram” रखी गयी थी। पूरे परेड रूट पर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के लिखे इस गीत की झलक दिख रही थी।
लेकिन भाई, असली “मसाला” तो मिलिट्री परेड में था:
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Battle Array Format: पहली बार सेना ने “बैटल एरे” फॉर्मेशन में मार्च किया, मतलब जैसे वो युद्ध के मैदान में लड़ते हैं, बिल्कुल वैसे ही फॉर्मेशन में दिखे।
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Robotic Dogs & Drones: सेना ने अपने नए Robotic Dogs (MULES) और Swarm Drones का प्रदर्शन किया। यह देख के लगा कि हम भविष्य की फौज देख रहे हैं।
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Bhairav Commandos: नई बनाई गयी Bhairav Light Commando Battalion ने भी पहली बार अपनी ताकत दिखाई।
3. ‘नारी शक्ति’ और आत्मनिर्भर भारत
परेड में “Nari Shakti” का जलवा भी खूब दिखा। बीएसएफ (BSF) की महिला बाइकर्स ने जब चलती बाइक पर करतब दिखाए, तो विदेशी मेहमान भी अपनी कुर्सी से उछल पड़े। इसके अलावा, DRDO की झांकी में Aatmanirbhar Bharat के तहत बने हथियार जैसे Prachand Light Combat Helicopter और Nag Missile सिस्टम भी दिखाए गए। अरे भाई, अब हम हथियार खरीदते ना, बेचते हैं!
निष्कर्ष
तो, कुल मिला के बात ये है कि 77वां गणतंत्र दिवस सिर्फ एक परेड नहीं, बल्कि बदलते भारत की एक “बुलंद तस्वीर” थी। जहाँ हम अपनी संस्कृति (वंदे मातरम) को भी याद रखते हैं और अपनी सुरक्षा (रोबोटिक डॉग्स) में भी सबसे आगे हैं। आज का दिन हर भारतीय के लिए गर्व करने का दिन है। जय हिन्द, जय भारत!
मेरे विचार
यूरोपियन यूनियन के दोनों प्रमुखों को एक साथ बुलाना भारत की बढ़ती ग्लोबल ताकत (Global Power) का सबूत है, यह रिपब्लिक डे कूटनीतिक और सैन्य दोनों लिहाज से बहुत सफल रहा।