Goa जाने का प्लान है? तो अब वहां सिर्फ़ बीच (Beach) और दारू नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बेहतरीन खाना भी आपका इंतज़ार कर रहा है, सरकार ने कमर कस ली है इसे ‘Food Capital’ बनाने के लिए, जानिये आपकी थाली में क्या नया आने वाला है!
देखिये, जब भी हम गोवा का नाम लेते हैं, तो दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? समुद्र, पार्टी, और सस्ती बीयर। लेकिन अब यह सब बदलने वाला है। गोवा के पर्यटन मंत्री (Tourism Minister) Rohan Khaunte ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ़ कर दिया है कि गोवा अब सिर्फ “Sun, Sand and Sea” तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत की Culinary Capital (खाने की राजधानी) बनने जा रहा है। का कही बाबू, अब गोवा में दिल और पेट दोनों खुश हो जाई! अगर आप खाने के शौक़ीन हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।
मंत्री जी ने क्या कहा? (The Big Announcement)
हाल ही में मडगांव (Margao) में Food and Cultural Festival 2026 का उद्घाटन करते हुए मंत्री रोहन खौंटे ने कहा कि गोवा के खाने में जो जादू है, वो दुनिया में कहीं और नहीं। उन्होंने बताया कि यहाँ का Fish Curry Rice, Chicken Cafreal और Recheado मसाला पूरी दुनिया में मशहूर है।
सरकार का प्लान है कि वो पर्यटकों को “बीच” से आगे ले जाकर गोवा की Rich Heritage और Cuisine (व्यंजन) से रूबरू कराएं। मतलब अब आप गोवा सिर्फ नहाने नहीं, बल्कि स्वाद का “Adventure” करने भी जायेंगे। मंत्री जी ने यह भी कहा कि फूड फेस्टिवल्स टूरिज्म का एक बहुत जरुरी हिस्सा हैं, और वो इसे और बड़े लेवल पर ले जा रहे हैं।
क्यों बनेगा गोवा ‘Food Capital’?
लोकल इंडियन इंग्लिश में बोलें तो, गोवा में “Variety” की कोई कमी नहीं है। यहाँ आपको ठेठ कोंकणी (Konkani) खाने से लेकर पुर्तगाली (Portuguese) स्वाद और मॉडर्न फ्यूजन सब कुछ मिलता है।
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Global Flavors: दुनिया भर के शेफ अब गोवा में अपने रेस्टोरेंट खोल रहे हैं।
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No Restrictions: मंत्री जी ने पहले ही कह दिया था—”आपको जो खाना है खाओ, मज़ा करो।” मतलब खाने-पीने पर कोई रोक-टोक नहीं, जो पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसंद आता है।
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Festivals: अब वहां Food Festivals का मेला लगेगा, जहाँ आप एक ही जगह पर 50 तरह की डिशेस ट्राई कर सकेंगे।
निष्कर्ष
तो, अगली बार जब आप गोवा की ट्रिप प्लान करें, तो अपनी लिस्ट में वहां के फेमस रेस्टोरेंट्स और लोकल ढाबों को जरूर शामिल करें। अब गोवा का मतलब सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि एक Gastronomic Journey (स्वाद की यात्रा) भी है। सरकार की यह कोशिश टूरिज्म को एक नया रूप देगी। बैग पैक करिये और खाली पेट जाईये, क्योंकि वहां खाने के लिए बहुत कुछ है!
मेरे विचार
गोवा को ‘Culinary Capital’ बनाने का विचार बहुत ही शानदार है। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय शेफ और किसानों को भी अपनी कला और उपज दिखाने का एक ग्लोबल मंच मिलेगा।